
बाल संरक्षण कानूनों की खुलेआम अनदेखी का यह मामला शहर के सूरजपोल थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां 100 फीट रोड माली कॉलोनी स्थित सीगड़ी डोसा रेस्टोरेंट पर मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने औचक कार्रवाई की। सहायक उपनिरीक्षक रेखा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मौके पर जांच की तो बच्चों से विधि विरुद्ध तरीके से काम करवाए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार मानव तस्करी विरोधी यूनिट को काफी समय से इस संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के बाद टीम ने रेस्टोरेंट पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि रेस्टोरेंट संचालक कैलाश द्वारा बच्चों से श्रम कराया जा रहा था, जो बाल संरक्षण और श्रम कानूनों के विपरीत है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि बच्चों को उनकी क्षमता और निर्धारित समय से अधिक काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। आरोप है कि बच्चों की मेहनत की कमाई भी उनके पास नहीं पहुंचती थी और उसे अवैध रूप से रोका जाता था। इतना ही नहीं, काम के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने और उनकी मूलभूत जरूरतों की उपेक्षा करने की बातें भी सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे हालातों में बच्चों को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेस्टोरेंट संचालक कैलाश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच सूरजपोल थाने के सहायक उपनिरीक्षक सोहनलाल द्वारा की जा रही है।

24 Jun 2026