
एकतरफा रिश्ते की नाराजगी किस हद तक पहुंच सकती है, इसका चौंकाने वाला मामला मध्यप्रदेश के भोपाल से सामने आया है, जहां एक युवती ने उदयपुर निवासी युवक पर लगातार साइबर उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार उसकी बहन ने विवाह के लिए जीवनसाथी डॉट कॉम पर प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान उदयपुर निवासी युवक से संपर्क हुआ और परिवार की मौजूदगी में दोनों की एक मुलाकात भी हुई। हालांकि युवक का व्यवहार संदिग्ध लगने पर परिवार ने रिश्ते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। युवती का आरोप है कि इसके बाद युवक लगातार कॉल और मैसेज कर उसे परेशान करने लगा। जुलाई 2025 में उसका नंबर ब्लॉक करने के बावजूद आरोपी अलग-अलग नंबरों से संपर्क करने की कोशिश करता रहा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी परेशान करने लगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि जनवरी 2026 में युवक ने उसके घर के पते पर ओला, उबर और रैपिडो के माध्यम से लगातार बुकिंग कराईं। एक ही दिन में करीब 500 टैक्सी और बाइक उसके घर पहुंच गईं। आरोपी ने उज्जैन के लिए लंबी दूरी की राइड बुक की थी, जिसके कारण अधिक कमाई की उम्मीद में कई ड्राइवरों ने बुकिंग स्वीकार कर ली और उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ा। युवती के मुताबिक ब्लॉक किए जाने के बाद आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी प्रोफाइल बनाई और उसके निजी जीवन की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, उसने युवती की गोद भराई के फर्जी निमंत्रण पत्र भी छपवाए। इन कार्डों में मेहमानों को चांदी का सिक्का देने का उल्लेख किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम में पहुंचें। बाद में हॉकर के जरिए पूरी कॉलोनी में ये कार्ड बंटवाए गए। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी ने एआई की मदद से शादी और हनीमून की फर्जी तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दीं। मामले की शिकायत मध्यप्रदेश महिला आयोग में की गई है, जहां हाल ही में युवती ने अपने बयान दर्ज कराए हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं साइबर एक्सपर्ट शृंगारिता खरे के अनुसार एआई से किसी व्यक्ति की फर्जी या मॉर्फ्ड तस्वीरें बनाना निजता का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। फिलहाल महिला आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है।