
उदयपुर का मेगनस हॉस्पीटल एक बार फिर विवादों में है, जहां इलाज में कथित लापरवाही के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपूर्वा जोशी के पुत्र के इलाज में लापरवाही के आरोप को लेकर इस अस्पताल को 6 जुलाई 2024 को नोटिस जारी किया गया था। यह शिकायत अपूर्वा के पति योगेश जोशी द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि अस्पताल में डिलीवरी के दौरान डॉ. शिल्पा गोयल द्वारा लापरवाही बरती गई, जिससे नवजात बच्चे को आजीवन देखने की क्षमता से वंचित होना पड़ा। इस मामले में अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत ज्ञापन भी प्रस्तुत किए गए थे, जिस पर जिला कलेक्टर के निर्देश पर नोटिस जारी किया गया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को लेकर उच्च न्यायालय में रिट दायर की थी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि अंतिम निर्णय होने तक अस्पताल पुराने मरीजों का इलाज जारी रख सकता है, लेकिन नए मरीजों की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है और जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण की अनुमति के बाद ही नई भर्ती की जा सकेगी। इसके बावजूद प्रशासन का कहना है कि अस्पताल द्वारा नोटिस का जवाब निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत नहीं किया गया। मामले में पुलिस जांच के बाद चालान भी पेश किया जा चुका है और लापरवाही के आरोपों को प्रमाणित माना गया है। अब प्रशासन ने अस्पताल को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि वह तुरंत नोटिस का जवाब प्रस्तुत करे, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी। वही पीड़ित योगेश जोशी ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में कानूनन सख्त कार्रवाई की जाए और उनके संघर्ष को न्याय मिले।
01 May 2026