
उदयपुर के पैसिफिक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 26 फरवरी हमेर सिंह राजपूत को भर्ती कराया था जहां पर ईलाज के दौरान मरीज की मौत हो गयी। घटना को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश है। मृतक हमेर सिंह राजपूत, पासूंद, राजसमंद के रहने वाले थे। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान हॉस्पिटल स्टाफ ने लगातार उनके साथ दुर्व्यवहार किया। मृतक के बेटे ने बताया कि उन्होंने डॉक्टरों से कहा था कि यदि कोई एक परिजन मिलने आए तो उन्हें मरीज से मिलने दिया जाए, क्योंकि उस समय उनके पिता की हालत बातचीत करने लायक थी। इसके बावजूद आईसीयू के बाहर तैनात गार्ड्स ने परिजनों को अंदर जाने से रोका, धमकाया और धक्का देकर बाहर निकाल दिया। परिजनों का कहना है कि मरीज की हालत बेहतर बताकर उन्हें रविवार को आईसीयू से बाहर शिफ्ट किया गया। उसी दौरान मृतक ने खाना भी खाया और परिजनों से बातचीत की। लेकिन शाम करीब 6 बजे अचानक परिजनों को मिलने नहीं बुलाया गया। जब परिजन गार्ड से पूछने पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि उनका नाम सूची में नहीं है। करीब एक घंटे बाद डॉक्टर ने परिजनों को बुलाकर कहा कि मरीज के बचने की संभावना सिर्फ 10 प्रतिशत है और सभी परिजनों को तुरंत बुलाने को कहा गया। इसके बाद मरीज को दोबारा आईसीयू में ले जाया गया और दवाइयों की पर्ची थमाई गई। कुछ समय बाद मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हॉस्पिटल ने चार दिन तक पैसों को लेकर दबाव बनाया और अब वे चाहते हैं कि उनके साथ हुए व्यवहार की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
01 May 2026