
उमरड़ा की बंजारा बस्ती में मेसर्स प्योर लीला की केमिकल यूनिट को लेकर अब कंपनी के साथ प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां आए दिन टैंकरों के जरिए केमिकल लाकर खाली किया जाता है। बताया जा रहा है कि गुजरात से टैंकर यहां पहुंचते हैं और यूनिट में केमिकल खाली किया जाता है। गुरुवार रात भी एक टैंकर केमिकल लेकर पहुंचा। स्थानीय लोगों के मुताबिक केमिकल के संपर्क में आने से एक-दो लोगों के पैर जल गए। यदि यह जानकारी सही है तो मामला सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि केमिकल यूनिट के बिल्कुल नजदीक सरकारी स्कूल संचालित है। आसपास 100 से ज्यादा परिवार भी निवास करते हैं। स्थानीय निवासियों ने यूनिट से होने वाले जल, वायु और मिट्टी प्रदूषण को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई है। शिकायत के बाद ग्राम पंचायत ने मेसर्स प्योर लीला को नोटिस जारी किया। नोटिस में यूनिट संचालन से जुड़े सभी दस्तावेज, इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की सूची, तैयार होने वाले उत्पाद और प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था से संबंधित जानकारी मांगी गई है। लेकिन सवाल यह है कि जब पंचायत के सामने प्रदूषण की शिकायत पहुंच चुकी है, तो आए दिन टैंकरों से केमिकल खाली करने की गतिविधि कैसे जारी है? क्या प्रशासन ने मौके पर जाकर जांच की? क्या केमिकल की प्रकृति और उसके सुरक्षित भंडारण की जांच हुई? स्कूल और आबादी के इतने करीब यूनिट को संचालन की अनुमति किन शर्तों पर मिली? ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत और नोटिस के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब प्रशासन से मांग है कि मौके पर जांच कराई जाए, केमिकल की जांच हो और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

13 Aug 2026