
जयपुर पुलिस ने बुधवार को दिनदहाड़े कैदी गंगासहाय कुमावत (45) की हत्या करने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की मौत का बदला लेने के लिए उसके बेटे ने कैदी गंगासहाय की हत्या की साजिश रची थी। वह काफी समय से इसकी प्लानिंग कर रहा था। इसके लिए उसने सुपारी किलर्स को हायर किया और उनसे सांगानेर ओपन जेल में सजा काट रहे गंगासहाय की रेकी करवाई। वारदात के लिए सुपारी की रकम देने के बाद, पुलिस से बचने के लिए आरोपी बेटा खुद नेपाल भाग गया। दरअसल, बुधवार शाम को करणी विहार इलाके के धाबास में सांगानेर ओपन (खुली) जेल के कैदी गंगासहाय कुमावत की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्कूटी पर आए 2 बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था।1. पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- गंगासहाय हत्या केस में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आरोपी सोनू रजक (19) (निवासी पुना नगर, झारखंड, हाल निवासी- गणेश नगर, मोतीडूंगरी) और अमित राणा (22) (निवासी गणेश नगर, मोतीडूंगरी) शामिल हैं, जिन्होंने स्कूटी से आकर गंगासहाय को गोलियां मारी थीं। वहीं, तीसरे आरोपी कन्हैया लाल गुर्जर (40) (निवासी गोविंद देवी कॉलोनी, कोतवाली) ने दोनों को हथियार उपलब्ध करवाए थे। 2. हिस्ट्रीशीटर मामा ने दिलवाए हथियार, बेटे ने रची साजिश प्रशांत किरण ने बताया- कन्हैया लाल गुर्जर कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है। साल 2018 में हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे आयुष गुर्जर ने यह पूरी साजिश रची थी। हथियार उपलब्ध करवाने वाला आरोपी हिस्ट्रीशीटर कन्हैया लाल गुर्जर, रिश्ते में आयुष गुर्जर का मामा लगता है। आयुष झोटवाड़ा में ई-मित्र की दुकान चलाता था।3. दोस्तों को दी 30 हजार की सुपारी, रेकी कर खुद भागा नेपाल प्रशांत किरण ने बताया- आयुष गुर्जर ने कैदी गंगासहाय की हत्या के लिए अपने दोनों दोस्तों सोनू व अमित को राजी किया था। उसने हत्या के लिए उन्हें 30 हजार रुपए की सुपारी भी दी थी। पिछले करीब 15 दिन से दोनों हत्यारे सोनू और अमित रेकी कर रहे थे। वे सांगानेर खुली जेल तक जाकर कैदी गंगासहाय की बाइक की पड़ताल करते थे। पिता की हत्या का बदला हत्या से ही लेने का आयुष का इरादा पक्का था। पुलिस से बचने के लिए वह सुपारी देने के तीन दिन बाद ही नेपाल भाग गया और उसने अपना मोबाइल व हर कॉन्टैक्ट बंद कर दिया। 4. हेलमेट पहनकर आए बदमाश, स्कूटी फिसलने पर गिरे और फिर मारी गोली पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों हत्यारों के पास देसी पिस्टल और देसी कट्टा था, लेकिन हत्या में सिर्फ देसी पिस्टल से ही 4-5 राउंड फायर किए गए। जब गंगासहाय बाइक लेकर जा रहा था, तभी हेलमेट पहने दोनों बदमाश स्कूटी से उसके पास आए। पीछे बैठे बदमाश ने गंगासहाय पर गोली चलाई, जिससे वह बाइक सहित सड़क पर गिर गया। इसी दौरान अनियंत्रित होकर बदमाशों की स्कूटी भी फिसल गई और दोनों नीचे गिर पड़े। इसके बाद बदमाशों ने उठकर फिर फायरिंग की, जिससे दो और गोलियां गंगासहाय को लगीं। उसकी मौत की पुष्टि करने के बाद दोनों बदमाश स्कूटी लेकर फरार हो गए।5. सीसीटीवी से पकड़े गए आरोपी, 2018 में हथौड़े से हुआ था मर्डर वारदात के दौरान आरोपी अमित ने अपनी खुद की स्कूटी का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने स्कूटी के नंबर-सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दबिश देकर दोनों शूटरों को पकड़ा। उनसे पूछताछ में हिस्ट्रीशीटर कन्हैयालाल द्वारा हथियार देने का पता चला, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, जमीनी विवाद को लेकर महेंद्र और गंगासहाय का आपस में झगड़ा चल रहा था। साल 2018 में कहासुनी के दौरान गंगासहाय ने हथौड़े से वार कर महेंद्र गुर्जर की हत्या कर दी थी। इस मामले में गंगासहाय को उम्रकैद हुई थी और अच्छे व्यवहार के कारण उसे सांगानेर खुली जेल में भेजा गया था।

13 Aug 2026