
उदयपुर में गुरुवार को अल्पसंख्यक समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधीश के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न मांगें रखीं। ज्ञापन में राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर के सीमावर्ती क्षेत्रों में मंदिरों, मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों पर कथित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चिंता व्यक्त की गई। प्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई संविधान और कानून के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे और सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो। ज्ञापन में प्रशासन से धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संवैधानिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा, ज्ञापन में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित वीडियो का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उक्त वीडियो में महिला नाजिया इलाही खान द्वारा इस्लाम धर्म से जुड़े पूजनीय व्यक्तित्वों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। ज्ञापन में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई। साथ ही ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि यदि संबंधित वीडियो कानून का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके प्रसार पर रोक लगाने और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अल्पसंख्यक समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी मांग का उद्देश्य कानून व्यवस्था, सामाजिक शांति और आपसी भाईचारे को बनाए रखना है। प्रशासन से पूरे मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
02 Jul 2026