
उदयपुर की मुखर्जी चौक सब्जी मंडी में नगर निगम की कार्रवाई के बाद विरोध और सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। अल सुबह बिना पूर्व सूचना कार्रवाई होने का आरोप लगाते हुए प्रभावित महिला विक्रेताओं और कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीबों की आजीविका पर सीधा प्रहार बताया। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि करीब 60 से 70 वर्षों से कई परिवार यहां फल और सब्जी बेचकर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। इनमें बुजुर्ग, विधवा और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं भी शामिल हैं। उनका आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण और पार्किंग के नाम पर उनका सामान जब्त कर लिया गया और उनकी रोजी-रोटी छीन ली गई। कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ ने कार्रवाई की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह एक वर्ग को निशाना बनाकर की गई कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर के अन्य अतिक्रमणों को नजरअंदाज कर रहा है, जबकि मुखर्जी चौक पर वर्षों से व्यापार कर रहे लोगों को हटाया जा रहा है। उन्होंने पार्किंग योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस स्थान पर पार्किंग विकसित की जाएगी तो व्यापारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। पूर्व पार्षद और कांग्रेस महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष नजमा मेवाफरोश ने भी कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए सरकार पर एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पूर्व में भी इसी प्रकार की कार्रवाई का प्रयास हुआ था, लेकिन शिकायत के बाद उसे रोक दिया गया था। वहीं नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि मुख्य सड़क पर लगने वाला अस्थायी बाजार लंबे समय से यातायात और सुरक्षा के लिए चुनौती बना हुआ था। निगम की योजना महिला विक्रेताओं को हटाने की नहीं, बल्कि उन्हें मंडी परिसर के अंदर व्यवस्थित रूप से स्थानांतरित करने की है, ताकि ट्रैफिक सुचारु रहे और पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जा सके। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।