
उदयपुर में बड़गांव थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले को लेकर मेघवाल समाज के प्रतिनिधियों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। समाज के लोगों ने इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय उदयपुर रेंज को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रार्थी भेरूलाल मेघवाल ने ज्ञापन में बताया कि बड़गांव थाना में 8 मार्च को दर्ज रिपोर्ट में कुछ व्यक्तियों पर पीड़ित रामलाल गमेती को जबरन कार में बैठाकर ले जाने और मारपीट का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है, लेकिन उनके भाई किशन मेघवाल का नाम प्रथम सूचना रिपोर्ट में कहीं भी दर्ज नहीं है। इसके बावजूद उनका नाम सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में प्रकरण से जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हो रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस वाहन में पीड़ित को ले जाने की बात कही जा रही है, वह वाहन भी किशन मेघवाल का नहीं है और घटना के समय वह दिल्ली में थे। बताया गया कि 7 मार्च को दोपहर 2 बजे वह दिल्ली गए थे और 8 मार्च की शाम को वापस उदयपुर लौटे। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि किशन मेघवाल वर्तमान में भाजपा उदयपुर देहात युवा मोर्चा के जिला मंत्री हैं और उनकी बढ़ती सामाजिक सक्रियता को देखते हुए कुछ राजनीतिक तत्व उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मेघवाल समाज ने मांग की है कि मामले की जांच उदयपुर जिले से बाहर किसी निष्पक्ष वरिष्ठ अधिकारी से करवाई जाए। वहीं उदयपुर रेंज पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक ने समाज के प्रतिनिधियों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और अनुसंधान अधिकारी से केस डायरी तुरंत मंगवाने के निर्देश दिए। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि भजन लाल शर्मा, अर्जुन राम मेघवाल और राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है।
01 May 2026