
झीलों की नगरी उदयपुर में भू-माफियाओं के हौसले और पुलिस के ढुलमुल रवैये को लेकर वकीलों का गुस्सा अब सड़कों से होता हुआ कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गया है। सवीना थाने के सीआई दलबीर सिंह को पद से हटाने की मांग पर अड़े वकीलों ने सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट के भीतर बैठकर उग्र विरोध-प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरा विवाद गोविंद नगर स्थित देवेन्द्र अग्रवाल के एक प्लॉट से शुरू हुआ, जिस पर कब्जा करने की नीयत से आरोपी कौशल आमेटा ने पथराव किया था। इस मामले में जब साथी वकील राजेश जाजोदिया शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो आरोपी आमेटा भी वहां आ गया और पुलिस की मौजूदगी में ही वकील को जान से मारने की धमकी दे डाली। वकीलों का गंभीर आरोप है कि इस खुलेआम गुंडागर्दी के बावजूद सीआई दलबीर सिंह ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे क्षेत्र में भू-माफिया पनप रहे हैं। रविवार को सवीना थाने में करीब 3 घंटे तक चले भारी हंगामे और एएसपी उमेश ओझा की समझाइश के बाद भी जब ठोस कार्रवाई का असर नहीं दिखा, तो सोमवार सुबह वकीलों का धैर्य जवाब दे गया। वकील गोलबंद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और परिसर के अंदर ही बैठकर धरने पर बैठ गए। वकीलों के पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी का कहना है कि जब तक सीआई को लाइन हाजिर या निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वकीलों का यह आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सीआई दलबीर सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों के परिवाद पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। वकीलों ने एसपी डॉ. अमृता दुहन के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और सीआई के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है।
22 Oct 2026