
लेकसिटी में कानून व्यवस्था और आबकारी विभाग की मुस्तैदी की जमीनी हकीकत इन तस्वीरों में साफ नजर आ रही है। सुखेर थाना इलाके में शराब माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि तय समय सीमा खत्म होने के बाद भी कारोबार धड़ल्ले से जारी है। दुकान का मुख्य शटर बंद करके एक छोटी खिड़की के जरिए अवैध तरीके से शराब की बिक्री की जा रही है। खरीदार आ रहे हैं, खिड़की से पैसे दे रहे हैं और शराब लेकर आसानी से रवाना हो रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम से ऐसा लगता है जैसे इन शराब ठेकेदारों को न तो आबकारी विभाग की कार्रवाई का डर है और न ही स्थानीय पुलिस का कोई खौफ। चौंकाने वाली बात यह भी है कि नियमों की यह धज्जियां सिर्फ सुखेर थाना क्षेत्र तक ही सीमित नहीं हैं। कमोबेश शहर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह देर रात तक बेखौफ होकर शराब की अवैध बिक्री की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या जिम्मेदार आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को इस अवैध कारोबार की भनक तक नहीं है? या फिर सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं? आखिर किसके शह पर शराब व्यवसायी सरकार के आदेशों को नजर अंदाजन कर रहे हैं? क्या उदयपुर जिला प्रशासन और आबकारी अधिकारी इन बेखौफ शराब माफियाओं पर कोई सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर कागजी दावों के पीछे यूं ही लापरवाही छिपती रहेगी?