
उदयपुर की गुजराती धर्मशाला में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के जिला स्तरीय सम्मेलन में किसानों के मुद्दों को लेकर मंथन हुआ। जिले की विभिन्न तहसीलों से पहुंचे किसान प्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों ने सम्मेलन में हिस्सा लेकर खेती, बिजली, कर्ज और फसल बीमा जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक पेमाराम ने केंद्र की मोदी सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पेमाराम ने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा हमेशा किसानों की एकता और उनके हकों की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने पूर्व के किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के दबाव के चलते सरकार को तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन की ताकत के आगे सरकार को झुकना पड़ा और माफी तक मांगनी पड़ी। प्रदेशाध्यक्ष ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि यह समझौता लागू हुआ तो देश की खेती, पशुधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। इससे किसानों और ग्रामीण युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा। पेमाराम ने राजस्थान के बिजली आंदोलन, कर्ज माफी संघर्ष और महाराष्ट्र के लॉन्ग मार्च का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को अधिकार केवल संघर्ष और आंदोलन से ही मिल सकते हैं। उन्होंने घोषणा की कि अगस्त में चूरू में प्रांतीय सम्मेलन और उसके बाद हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जहां देशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

26 May 2026