
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उदयपुर विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चिकलवास क्षेत्र में प्राधिकरण स्वामित्व की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। कार्रवाई के दौरान करीब 75 हजार वर्गफीट भूमि को कब्जामुक्त कर दोबारा प्राधिकरण के अधिकार में लिया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक प्राधिकरण आयुक्त अभिषेक खन्ना और सचिव हेमेन्द्र नागर के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन द्वारा हार्डकोर और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के संबंध में जिला कलक्टर को पत्र लिखा गया था, जिसके बाद मामला नियमानुसार उदयपुर विकास प्राधिकरण को भेजा गया। जांच में सामने आया कि राजस्व ग्राम चिकलवास की आराजी संख्या 3070, 3071, 3073 और 3075, जो प्राधिकरण के नाम दर्ज है, उस पर रोहिताश उर्फ रोहित श्रीमाली द्वारा कब्जा किया गया था। मामले में उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 की धारा 70 के तहत प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जवाब में भूमि स्वामित्व से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया। इसके बाद 9 जून को मौके पर पहुंची टीम ने अवैध कब्जे को ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। प्राधिकरण आयुक्त अभिषेक खन्ना ने आमजन से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद से पहले उसके दस्तावेजों की वैधता अवश्य जांचें और सरकारी भूमि पर कब्जा कर सस्ते दामों में प्लॉट बेचने वाले लोगों से सावधान रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यह कार्रवाई तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा के निर्देशन में भू-अभिलेख निरीक्षक राजेन्द्र सेन, बाबूलाल तेली, पटवारी हितेन्द्र सिंह तंवर और होमगार्ड जाब्ते की मौजूदगी में संपन्न हुई।

16 Jun 2026