
राजसमंद जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में सामने आया यह मामला रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला है। यहां कुण्डेली रोड पर कुछ दिन पहले देवीसिंह रावत का शव और उसकी क्षतिग्रस्त बाइक मिली थी। शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना गया, लेकिन पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। मृतक के भाई दूधसिंह ने रिपोर्ट दी थी कि अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हुई है, लेकिन पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में जब विशेष टीम ने जांच शुरू की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे। जांच के दौरान पुलिस को मृतक की मोबाइल लोकेशन और हाल ही में करवाई गई एक्सीडेंटल बीमा पॉलिसियों पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने गहन पूछताछ की, जिसमें साजिश का पर्दाफाश हो गया।मुख्य आरोपी दूधसिंह और भगवानसिंह ने अपने साथियों टीकमसिंह और सुरेंद्रसिंह के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। आरोपियों ने पहले देवीसिंह का एक्सीडेंटल बीमा करवाया, फिर उसे किसी बहने गुजरात से घर बुलाया। घटना वाली रात उसे शराब पिलाकर सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां पत्थर से उसके सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को चलती बाइक से गिराकर सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई।फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब यह जांच की जा रही है कि बीमा की कुल राशि कितनी थी और क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था।
01 May 2026