
होली के पर्व से पहले बांसवाड़ा की फिज़ाओं में इस बार कुछ खास रंग घुल गए हैं। माही बैकवाटर क्षेत्र इन दिनों साइबेरियन प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी से गुलज़ार नजर आ रहा है। हजारों किलोमीटर का लंबा सफर तय कर ये परदेशी पक्षी यहां पहुंचे हैं और माही की अथाह जलराशि को अपना अस्थायी बसेरा बना लिया है। सुबह के समय जब सूरज की पहली किरणें पानी पर पड़ती हैं, तब झुंड के झुंड पक्षी बैकवाटर में तैरते दिखाई देते हैं। वहीं शाम ढलते ही ये पक्षी एक साथ उड़ान भरते हैं, जिससे आसमान में अद्भुत दृश्य बन जाता है। पानी और आकाश के बीच उनकी सामूहिक उड़ान माही क्षेत्र को पूरी तरह जीवंत कर देती है। स्थानीय लोग और पक्षी प्रेमी भी बड़ी संख्या में इन पक्षियों को देखने पहुंच रहे हैं। कई लोग इस प्राकृतिक सौंदर्य को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं, तो कुछ इसे प्रकृति का अनमोल उपहार बता रहे हैं। प्रवासी पक्षियों की यह मौजूदगी न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ा रही है, बल्कि बांसवाड़ा की पहचान को भी नए सिरे से उभार रही है। होली के मौके पर जब रंगों का त्योहार मनाया जाता है, ऐसे में प्रकृति और प्रवासी पक्षियों का यह संगम लोगों के लिए खास आकर्षण बन गया है।