
उदयपुर के नगर निगम परिसर में युवाओं का यह हुजूम नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। सीजेपी के बैनर तले जुटे सैकड़ों छात्रों और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में नीट इज नॉट नीट और एजुकेशन इज नॉट अ बिजनेस जैसे नारों वाली तख्तियां लेकर विरोध जता रहे हैं। छात्रों का कहना है कि धांधली के कारण लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में जारी आंदोलन और समाजसेवी सोनम वांगचुक के समर्थन में भी आवाज उठाई। गौरतलब है कि समाजसेवी सोनम वांगचुक पिछले करीब 23 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर हैं। बीते 18 जुलाई को प्रशासन ने उन्हें धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां भी उनका अनशन लगातार जारी है। इससे पहले 20 जून को जब प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च करने का प्रयास किया था, तब भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई छात्र घायल हो गए थे। उदयपुर में जुटे युवाओं का साफ तौर पर कहना है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और धांधली के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। आपको बता दे कि सोमवार को दिल्ली में हुए घटनाक्रम ने पूरे देश में आंदोलन खड़ा कर दिया है अब यह प्रदर्शन सिर्फ सीजेपी तक सीमित नहीं है बल्कि युवाओं के साथ उनके परिजन और शिक्षक भी इसमें शामिल हो रहे हैं। देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच अब शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक के चलते जान देने वाले छात्रों के परिवार को मुआवजे के साथ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचूक को हॉस्पीटल से डिस्चार्ज करने की मांग भी तेज हो गयी है। इसके साथ ही लाठीचार्ज और आसूगैस के गोले छोडने के दौरान जो छात्र घायल हुए है। उन्हे भी न्याय दिलाने की मांग उठाई जा रही है।