
बांसवाड़ा की सड़कों पर उतरा यह जनसैलाब उन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का है, जो सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन खुद आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं। किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में बुधवार को जिले भर की सैकड़ों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कुशल बाग मैदान में जमा हुईं। यहाँ से ये कलेक्ट्री पहूंची और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी जी। कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंगनवाड़ी पदाधिकारियों ने कहा कि वे विगत कई वर्षों से बेहद कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। बढ़ती महंगाई के दौर में इतने कम पैसों में परिवार का गुजारा करना अब नामुमकिन हो गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से विभाग और सरकार से खुद को स्थाई करने की मांग कर रही हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही हाथ लगा है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि उनकी सेवाओं को नियमित किया जाए और मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरकारी तंत्र की रीढ़ हैं, बावजूद इसके उन्हें उनके जायज हक से वंचित रखा जा रहा है। एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद करते हुए इन महिलाओं ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही उनकी स्थाईकरण की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
01 May 2026