
नावड़ा गांव में शुक्रवार सुबह हुए हादसे ने एक बार फिर बदहाल पुल और ग्रामीणों की मजबूरी पर सवाल खड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि गांव के पास नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण लंबे समय से आवागमन के लिए बंद है। ऐसे में ग्रामीणों को नदी के पानी से होकर रास्ता पार करना पड़ता है। शुक्रवार सुबह नावड़ा निवासी हिरी बाई पटेल पशुओं के बाड़े की तरफ जा रही थीं। पुल खराब होने के कारण उन्होंने नदी के पानी में उतरकर दूसरी तरफ जाने का प्रयास किया। इसी दौरान पानी का बहाव तेज होने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह बह गईं। हादसे में वृद्ध महिला की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि लंबे समय से बनी समस्या का नतीजा है। उनका आरोप है कि क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण को लेकर कई बार जिला प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक को अवगत कराया गया, लेकिन पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए साफ कर दिया कि जब तक अधिकारी और स्थानीय विधायक मौके पर पहुंचकर पुल निर्माण सहित उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वे शव को स्थानीय विधायक के आवास पर ले जाकर रखने के लिए मजबूर होंगे।

14 Aug 2026