
बुधवार को सुबह से उदयपुर में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा ने शहरवासियों को मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास की याद दिला दी। शहर के प्रमुख मार्ग भगवा ध्वजों, स्वागत द्वारों और आकर्षक सजावट से सजे नजर आए। मोती मगरी से मेवाड के पूर्व राजघराने के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया। इसके बाद चेतक सर्कल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारकों और अन्य गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में यात्रा आगे बढ़ी। इस दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और सजे-धजे घोडों पर सवार युवाओं ने राजपूती शौर्य का प्रदर्शन किया। खुली जीपों में महापुरुषों की आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में गदा और प्रतीक स्वरूप धारदार हथियार लेकर शौर्य प्रदर्शन करते नजर आए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक समाज नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने बताया कि 36 कौम के लोग, चाहे हिंदू हों या मुस्लिम, सभी महाराणा प्रताप के आदर्शों और पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लेकर इस यात्रा में शामिल हुए हैं। जगह-जगह विभिन्न संगठनों और समाजों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन स्वयं फील्ड में मौजूद रहे। संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया गया। राष्ट्रभक्ति गीतों और प्रताप के जयकारों के बीच संपन्न हुई यह शोभायात्रा उदयपुर के इतिहास में एक यादगार आयोजन बन गई।
16 Jun 2026