
उदयपुर सेंट्रल जेल के अंदर कैदियों के लिए प्रतिबंधित सामग्री (तंबाकू) ले जाने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में दो जेल कर्मियों, प्रहरी पंकज कुमार और आरएसी के हेड कॉन्स्टेबल गिरधारी सिंह के खिलाफ सूरजपोल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के बाद दोनों की कथित मिलीभगत उजागर हुई। मामले ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जांच में सामने आया कि हेड कॉन्स्टेबल गिरधारी सिंह ने इस मामले को दबाने के लिए आरोपी प्रहरी पंकज कुमार के साथ मिलीभगत कर ली। गिरधारी सिंह आरोपी प्रहरी पंकज कुमार को जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे की नजरों से हटाकर किनारे बने तलाशी कक्ष में ले गया। वहां पंकज की वर्दी से मिली तंबाकू को जब्त करने और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना देने के बजाय दोनों ने कथित तौर पर उसे नष्ट कर दिया। आरोप है कि तंबाकू जेल के अंदर कैदियों तक पहुंचाई जानी थी। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।उदयपुर सेंट्रल जेल प्रशासन ने घटना के बाद इस गंभीर लापरवाही और मिलीभगत की विस्तृत जांच रिपोर्ट महानिदेशालय कारागार जयपुर को भेजी थी। जेल मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों ही कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस ने दोनों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।मामला बीते 29 सितंबर 2026 का है। सुबह करीब 10 बजे की शिफ्ट में जब ड्यूटी पर तैनात होने वाले सुरक्षाकर्मियों की तलाशी ली जा रही थी। तब मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात आरएसी (RAC) के तलाशी कर्मियों को ड्यूटी प्रहरी पंकज कुमार पर संदेह हुआ। आरएसी के हेड कांस्टेबल गिरधारी सिंह ने जब पंकज की तलाशी ली। तब पाया कि उसने कैदियों के इस्तेमाल के लिए अपनी वर्दी के भीतर भारी मात्रा में तंबाकू छिपा रखा था। इसके बाद गिरधारी सिंह ने बाहर आकर दूसरे साथी कर्मी को हाथ के इशारे से सब ठीक होने का संकेत भी दिया। इस पूरी घटना को जेल अधीक्षक सहित अन्य बड़े अफसरों से पूरी तरह छिपाकर रखा गया था। लेकिन इसी बीच इस मामले की भनक जेल के खुफिया तंत्र को लग गई। जिसके बाद जेल प्रशासन ने उस दिन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो दोनों कर्मियों की यह करतूत कैमरे में साफ कैद मिली।

26 Oct 2026