
ड्यूटी पर जाने की तैयारी के बीच हुई एक दर्दनाक घटना ने भीलवाड़ा पुलिस महकमे को गहरे सदमे में डाल दिया। सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह मंगलवार शाम अपने नेहरू विहार स्थित घर पर वर्दी पहन रहे थे। परिजनों के मुताबिक, शाम सात बजे थाना क्षेत्र में प्रस्तावित नाकाबंदी के लिए उन्हें निकलना था। उन्होंने पहले अपने अधीनस्थ उपनिरीक्षक को फोन कर वाहन तैयार रखने के निर्देश भी दिए थे। इसी दौरान अचानक उनकी सर्विस रिवॉल्वर से गोली चल गई। गोली लोकपाल सिंह की कनपटी में लगी और सिर को आर-पार करते हुए निकल गई। गंभीर रूप से घायल होकर वह फर्श पर गिर पड़े। घर पर मौजूद उनकी पत्नी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत महात्मा गांधी जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रामस्नेही प्राइवेट हॉस्पिटल रेफर किया गया।जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने चिकित्सकों की सलाह पर बेहतर उपचार के लिए उन्हें उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल भेजने का निर्णय लिया। इसके बाद भीलवाड़ा से उदयपुर तक 157 किलोमीटर लंबे मार्ग पर विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। पूरे रास्ते यातायात को नियंत्रित किया गया और प्रत्येक थाना क्षेत्र में पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था की गई, जिससे एम्बुलेंस बिना किसी बाधा के महज 95 मिनट में उदयपुर पहुंच गई।अस्पताल पहुंचने से पहले ही सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम को अलर्ट कर दिया गया था। गीतांजलि हॉस्पिटल पहुंचते ही लोकपाल सिंह को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर इलाज शुरू किया गया। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी करते रहे, लेकिन गोली से हुए गंभीर घाव के कारण करीब आठ घंटे बाद बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। भीलवाड़ा पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि गोली सिर को आर-पार निकल गई थी, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। 38 वर्षीय लोकपाल सिंह अजमेर जिले के विजयनगर क्षेत्र के नादसी गांव के निवासी थे। उनकी पहली पत्नी से तलाक हो चुका था और करीब दो महीने पहले ही उन्होंने दूसरी शादी की थी। परिवार में उनके माता-पिता और तीन भाई हैं। उनकी असामयिक मृत्यु से पुलिस विभाग और उनके परिचितों में शोक का माहौल है। मौत के बाद मृतक का एमबी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। गुरुवार को उनके पैतृक गांव विजयनगर में अंतिम संस्कार होगा

03 Aug 2026