
उदयपुर कोर्ट ने शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को उदयपुर में कोविड काल के दौरान आंदोलन से जुड़े एक प्रकरण में सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और भाटी के बयान दर्ज करने के बाद उन्हें दोषमुक्त किया। इस फैसले से भाटी और उनके समर्थकों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। मामले में भाटी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता भूपेन्द्र सिंह चुंडावत ने बताया कि कोर्ट ने रविन्द्र सिंह भाटी को सरकारी अधिकारी द्वारा जारी आदेश की अवहेलना, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित महामारी अधिनियम से संबंधित आरोपों में दोषमुक्त करार दिया है। कोर्ट के इस निर्णय पर विधायक भाटी ने प्रतिक्रिया देते हुए 'सत्यमेव जयते' कहा है। धारा 144 के दौरान उदयपुर कलेक्ट्री पर किया था प्रदर्शन मामला वर्ष 2021 का है जब कोरोना महाकारी के कारण उदयपुर में भी धारा 144 लागू थी। तब रविन्द्र सिंह भाटी छात्र नेता थे। वे छात्रों के समर्थन में उदयपुर आए थे। यहां ग्रामीण और गरीब छात्रों की स्कूल फीस माफ करने की मांग को लेकर उदयपुर कलेक्ट्री पर प्रदर्शन किया था। जिसमें सैकड़ों छात्र शामिल हुए थे। इस वजह से धारा 144 का उल्लंघन करने पर शहर के भूपालपुरा थाने में उनके खिलाफ राजकार्य में बाधा और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। अक्टूबर 2024 में उदयपुर कोर्ट ने भाटी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद भाटी ने नवंबर 2024 में कोर्ट में आत्मसर्मपण किया और मुचलके पर जमानत मिल गई। बाद में भाटी ने इसे राजनीतिक षड़यंत्र बताते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं की आवाज को दबाया है।
03 Aug 2026