
उदयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी जस की तस बनी हुई है। एमबी हॉस्पिटल परिसर में स्थित संक्रामक रोग वार्ड और त्वचा रोग विभाग के सामने की सड़कें इस समय सीवरेज के गंदे और बदबूदार पानी से सराबोर हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत जो सीवरेज लाइन बिछाई गई थी, वह अब पूरी तरह से चोक हो चुकी है, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को पहले से ही संक्रमण का खतरा रहता है, और ऐसे में इस संक्रामक वार्ड के बाहर ही गंदगी का यह अंबार जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अस्पताल प्रशासन और नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस बड़ी समस्या को देखकर भी पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठे हैं। तीमारदारों का कहना है कि बदबू के कारण वार्डों में बैठना भी मुश्किल हो गया है, जिससे मरीजों की तबीयत और ज्यादा बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने इस बदइंतजामी के लिए सीधे तौर पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के इंजीनियरों और प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि काम में भारी लापरवाही बरती गई है, जिसका नतीजा आज जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के बाद भी नगर निगम के आयुक्त और स्मार्ट सिटी के सीईओ की तरफ से अब तक सीवरेज की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। अगर जल्द ही इस उफनते सीवरेज को ठीक नहीं किया गया, तो अस्पताल परिसर में कोई बड़ी महामारी फैलने से इंकार नहीं किया जा सकता है।