
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र स्थित मंस्या गांव के मूल निवासी और वर्तमान में राजस्थान के डीग जिले के बडेसरा गांव में रह रहे 13 वर्षीय जुड़वां भाइयों—विनय और विष्णु की रहस्यमयी गुमशुदगी का बेहद खौफनाक अंत सामने आया है। दोनों मासूमों के शव उनके घर से महज 250 मीटर की दूरी पर देशराज के वाड़े में कड़बी के पूंजों यानी चारे के ढेर में छिपे हुए बरामद हुए थे। घटना के बाद डीग पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से साक्ष्य जुटाए। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चों के सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। यही नहीं, एक बच्चे की गर्दन पर धारदार हथियार से दो बार और दूसरे की गर्दन पर एक वार किया गया था, साथ ही गला दबाने के निशान भी मिले। पुलिस को संदिग्ध मकान से खून से सने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद हुई। मामले में नया मोड़ तब आया जब बच्चों के नाना घनश्याम ने 20 अक्टूबर को जनूथर थाने में अपनी ही बेटी प्रीति और उसके प्रेमी राजेश के खिलाफ हत्या व आपराधिक साजिश की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, स्वर्गीय निरंजन की 35 वर्षीया पत्नी प्रीति और उसके प्रेमी राजेश (40) के बीच अवैध संबंध थे। दोनों मासूम भाइयों को इस रिश्ते की भनक लग गई थी। अपने अफेयर का राज खुलने के खौफ में मां ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर दोनों बेटों की निर्मम हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।