
रमजान के पहले जुम्मे पर उदयपुर के मुस्लिम बहुल इलाकों की मस्जिदों में खास रौनक देखने को मिली। जुमा की दो रकात नमाज अदा करने के लिए सुबह से ही अकीदतमंदों का पहुंचना शुरू हो गया। नमाज के बाद लोगों ने अल्लाह से पूरे रमजान के रोजे रखने की तौफीक और अपनी इबादत कुबूल होने की दुआ मांगी। इस्लामिक कैलेंडर के 12 महीनों में रमजान को सबसे पाक और फज़ीलत वाला महीना माना गया है। मान्यता है कि इस महीने की गई हर इबादत का सवाब आम दिनों की तुलना में 70 गुना ज्यादा मिलता है। रमजान के पूरे रोजे रखना फर्ज बताया गया है और इसे सब्र, इबादत और आत्मसंयम का महीना कहा गया है। उलेमा ने बताया कि रमजान के 30 रोजों को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहले 10 दिन रहमत के होते हैं, जब अल्लाह अपने बंदों पर रहमतों की बारिश करता है। दूसरे 10 दिन बरकत के होते हैं, जिनमें रोजेदारों के कारोबार और रोज़ी-रोटी में बरकत अता की जाती है। जबकि आखिरी 10 दिन मगफिरत के होते हैं, जिनमें अल्लाह अपने बंदों के गुनाह माफ फरमाता है। पहले जुम्मे की नमाज के दौरान तकरीर में लोगों से अपील की गई कि वे अपना ज्यादा से ज्यादा वक्त अल्लाह की इबादत में गुजारें, नमाज पढ़ें, कुरआन की तिलावत करें और बुरे कामों से दूर रहें। साथ ही रहमत, बरकत और मगफिरत वाले इस पाक महीने की पूरी कद्र करने का संदेश दिया गया।
01 May 2026