
झीलों की नगरी उदयपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की नगर निगम की मुहिम को शातिर चोरों ने बड़ा झटका दिया है। फतहसागर की पाल, जहाँ रोजाना हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक सुकून के पल बिताने आते हैं, वहां से कचरा पात्रों की चोरी का सिलसिला शुरू हो गया है। नगर निगम ने इस पूरी पाल पर गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाए थे ताकि लोग खाने-पीने का सामान झील में न फेंकें। इन कचरा पात्रों का उद्देश्य झील के इको-सिस्टम को बचाना और पाल पर सफाई व्यवस्था को पुख्ता करना था। लेकिन बीते कुछ समय में अज्ञात बदमाशों ने इन कचरा पात्रों पर ही हाथ साफ कर दिया है। वर्तमान में पाल के कई हिस्सों में केवल लोहे के खाली फ्रेम नजर आ रहे हैं। डस्टबिन गायब होने के कारण अब लोग मजबूरी में कचरा इधर-उधर फेंक रहे हैं, जिससे हवा के साथ यह गंदगी सीधे फतहसागर में समा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाल पर अक्सर असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जो सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हैं या उन्हें चुराकर बेच देते हैं। हैरानी की बात यह है कि फतहसागर पर चौबीसों घंटे सुरक्षा गार्ड्स और पुलिस की गश्त का दावा किया जाता है, इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में कचरा पात्रों का चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। नगर निगम प्रशासन अब इस मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कह रहा है ताकि इन कचरा चोरों को बेनकाब किया जा सके। लेकिन फिलहाल, स्वच्छता के इन साधनों की कमी से फतहसागर की खूबसूरती पर दाग लग रहा है।
01 May 2026