
गोगुन्दा क्षेत्र से लापता तुलसीराम का मामला अब लगातार गंभीर होता जा रहा है। करीब एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है, जिससे पीड़ित परिवार और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार तुलसीराम को उनके ही गांव का एक व्यक्ति काम के बहाने अपने साथ ले गया था, जिसके बाद से वे वापस घर नहीं लौटे। परिजनों ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई, लेकिन अब तक जांच में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। तुलसीराम का परिवार बेहद कमजोर स्थिति में है। उनके पिता दृष्टिहीन हैं और भाई मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी, और उनके लापता होने से परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर सर्व आदिवासी समाज और परिजन आंदोलन पर उतर आए हैं। गोगुन्दा उपखंड मुख्यालय पर पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन धरना जारी है, जो युवा कांग्रेस उदयपुर देहात के जिलाध्यक्ष बालू भील के नेतृत्व में चल रहा है। इस धरने में जिला परिषद सदस्य चुन्नीलाल भील सहित कई समाजजन बड़ी संख्या में शामिल हैं। धरने के बीच प्रशासन ने एसडीएम, तहसीलदार और थाना अधिकारी की मौजूदगी में करीब एक घंटे तक वार्ता की, लेकिन यह बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद प्रशासन ने 150 पुलिस जवानों के साथ बड़े स्तर पर सर्च अभियान शुरू किया है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास पहलू जनप्रतिनिधियों को प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि देकर विरोध दर्ज कराना रहा। समाज के लोगों ने टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत और गोगुन्दा विधायक प्रतापलाल भील को श्रद्धांजलि अर्पित कर नाराजगी जताई। समाज की मुख्य मांगों में तुलसीराम की जल्द तलाशी, नामजद आरोपी वेणी सिंह की गिरफ्तारी, नार्काे टेस्ट, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता शामिल हैं। लगातार बढ़ते जनआक्रोश के बीच समाज ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
01 May 2026