
चर्चित उदयपुर फाइल्स का इफेक्ट सोमवार को देखने को मिला। इसका गवाह बना डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट। जहां राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अगवानी करने के लिए चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, शहर विधायक ताराचंद जैन, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, एसपी योगेश गोयल और कलेक्टर नमित मेहता पहुंचे। लेकिन एयरपोर्ट पर अगवानी करने वालों में शहर भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह और देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली दिखाई नहीं दिए। इसे लेकर शहर में दिनभर चर्चा रही कि सीएम-प्रदेशाध्यक्ष की जिलाध्यक्षों से दूरी के सियासी मायने कहीं उदयपुर फाइल्स (शहर भाजपा नेत्री संग कुछ भाजपा नेताओं के कथित आपत्तिजनक वीडियो) कांड का इफेक्ट तो नहीं है? हालांकि, देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर का कहना है कि वे बेणेश्वर धाम में सीएम की सांसदों-विधायकों-जिलाध्यक्षों की बैठक में शामिल होने गए थे, इसलिए एयरपोर्ट पर नहीं पहुंच सके।शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा एयरपोर्ट पर 9 जनप्रतिनिधियों व शहर-देहात जिलाध्यक्षों सहित 11 लोगों की सूची सीएम-प्रदेशाध्यक्ष की अगुवानी के लिए भेजी थी, लेकिन एयरपोर्ट पर शहर जिलाध्यक्ष (गजपाल सिंह) व देहात जिलाध्यक्ष (पुष्कर तेली) के नाम काट दिए गए थे। इसलिए मौजूद नहीं रह सके। कुछ लोग झूठी अफवाहें फैलाने का काम कर रहे हैं। लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि मामला उदयपुर फाइल्स से ही जुड़ा है। अगर ऐसा नहीं होता तो एक दिन पहले रविवार को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की अगवानी के लिए भी सोमवार की तरह 11 नामों की सूची भेजी गई, जिसमें किसी के नाम नहीं काटे गए। लेकिन वही सूची जब सोमवार को एयरपोर्ट प्रबंधन के पास भेजी गई तो उसमें उदयपुर शहर और देहात जिला अध्यक्षों के नाम काट दिए गए। दोनों मिलने भी नहीं पहुंचे।भास्कर के पास एयरपोर्ट प्रबंधन को भेजे गए पत्र की कॉपी है, जिसमें दोनों जिला अध्यक्षों, सांसदों, विधायकों सहित 11 नामों की सूची एडीएम प्रशासन जितेंद्र ओझा के हस्ताक्षर के साथ एयरपोर्ट प्रबंधन को भेजी गई थी। इसमें दोनों जिला अध्यक्षों के नामों के आगे क्रॉस का निशान लगाकर काट दिया गया, जिस पर टर्मिनल प्रबंधन की सील सहित हस्ताक्षर अंकित हैं। बता दें कि सोमवार को सीएम शर्मा उदयपुर होकर बेणेश्वर धाम, डूंगरपुर के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुए।सीएम डबोक एयरपोर्ट से डूंगरपुर गए थे जहां राजस्थान जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में डूंगरपुर स्थित पवित्र तीर्थ बेणेश्वर धाम से क्षेत्र के विकास के लिए 1902 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।