
उदयपुर के भुवाना बाईपास चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप के समीप खड़ी निजी ट्रेवल बस में कथित रूप से माल ढुलाई का काम किए जाने का मामला सामने आया है। सामने आए वीडियो में बस में सामान लोड किया जाता दिखाई दे रहा है। ऐसे में ट्रांसपोर्ट हड़ताल के बीच यात्री बसों के उपयोग को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार निजी ट्रेवल बसों का उपयोग यात्रियों के परिवहन के लिए किया जाता है, लेकिन आरोप है कि इस बस में अवैध रूप से माल ढुलाई की जा रही थी। इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद लोगों का दावा है कि बस में आपातकालीन निकास यानी इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं था, जो सुरक्षा मानकों के लिहाज से गंभीर विषय माना जा रहा है। यह भी चर्चा है कि शहर के मुख्य हिस्से की बजाय भुवाना बाईपास जैसे बाहरी क्षेत्र में बस को खड़ा कर सामान भरा जा रहा था, ताकि यह गतिविधि लोगों और अधिकारियों की नजर से दूर रहे। इसके अलावा बस की आगे की नंबर प्लेट भी इस तरह लगी होने की बात सामने आई है कि पूरा पंजीयन नंबर स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। इन आरोपों के बीच सबसे बड़ा सवाल परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठ रहा है। आरटीओ के पास बसों के संचालन, उनके रूट और समय की जानकारी रहती है, फिर भी यदि खुलेआम इस तरह माल ढुलाई हो रही है तो जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। हालांकि इस मामले में परिवहन विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित बस संचालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरटीओ इस मामले में कब कार्रवाई करता है और ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। यह हालत तब है जब आरटीओ मॉडिफाई बसों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है
13 Jul 2026