
उदयपुर में रविवार को निकली धार्मिक शोभायात्रा के दौरान हुई चेन स्नेचिंग की छह वारदातों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने सवीना थाने में आसूचना अधिकारी के रूप में कार्यरत कॉन्स्टेबल छगनलाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस के मुताबिक कॉन्स्टेबल छगनलाल कई वर्षों से थाना क्षेत्र में इंटेलिजेंस ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। ऐसे में क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों और संभावित अपराधों की जानकारी जुटाकर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी थी। आरोप है कि उन्होंने शोभायात्रा में इस तरह की वारदात की आशंका को लेकर समय रहते कोई इनपुट नहीं दिया। साथ ही महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की संभावित संख्या का भी सही आकलन उपलब्ध नहीं कराया।सवीना थानाधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि उनकी ज्वॉइनिंग के दूसरे ही दिन यह घटना हुई। उनके लिए थाना क्षेत्र नया था। यदि पहले से पर्याप्त आसूचना और इनपुट मिलते तो पुलिस सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर तरीके से तैयार कर अपराध रोकने का प्रयास करती। थानाधिकारी ने बताया कि चेन स्नेचिंग के मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा शोभायात्रा के दौरान समाज की ओर से ड्रोन के माध्यम से की गई रिकॉर्डिंग भी जांच में शामिल की गई है। पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है। आपको बता दे कि मुनि आदित्य सागर महाराज ससंघ के मंगल प्रवेश के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा में करीब 800 से 1000 श्रद्धालु शामिल हुए थे। महिलाओं की संख्या अधिक होने का फायदा उठाते हुए बदमाशों ने सेक्टर-11 स्थित आलोक स्कूल से जैन मंदिर के बीच छह महिलाओं को निशाना बनाया। सभी पीड़ित महिलाओं की उम्र 55 से 65 वर्ष के बीच बताई गई है। घटना के बाद सभी ने सवीना थाने में सोने के मंगलसूत्र और चेन झपटने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।