
सोमवार सुबह करीब 9 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि नीमच माता रोपवे बीच रास्ते में तकनीकी खराबी आने से रुक गया है और उसमें कई यात्री फंस गए हैं। सूचना मिलते ही राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल एनडीआरएफ की टीमें तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गईं। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन में संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। मॉक ड्रिल के दौरान रोपवे में यात्रियों के फंसने का काल्पनिक स्थिति को तैयार किया गया। इसके बाद सभी एजेंसियों ने निर्धारित एसओपी के अनुसार राहत और बचाव अभियान चलाते हुए फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। रेस्क्यू के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया। पूरे अभियान में अंबामाता थाना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली, जबकि चिकित्सा विभाग और एंबुलेंस सेवा की टीमें किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहीं। बचाव के बाद घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और रेस्क्यू क्षमता का आकलन किया। अधिकारियों ने बताया कि पर्यटन स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में समय-समय पर इस प्रकार की संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित करना आवश्यक है, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में सभी विभाग बिना किसी देरी के प्रभावी ढंग से राहत और बचाव कार्य कर सकें।