
उदयपुर में एक भाजपा महिला नेता द्वारा एक वकील पर नशीला पदार्थ खिलाकर एआई के जरिए आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोपों ने अब सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस मामले को लेकर बुधवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है और निष्पक्ष जांच जरूरी है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि भूपालपुरा थाने में 11 तारीख की रात 11 बजकर 9 मिनट पर एफआईआर दर्ज होने के बाद जिस तरह से रात में त्वरित कार्रवाई की गई, वह कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी, सादी वर्दी में पुलिसकर्मी और भाजपा से जुड़े लोग आरोपी वकील के घर पहुंचे, दरवाजे तोड़े गए और परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की गई। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा से जुड़े अन्य मामलों में अब तक इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पार्टी का आरोप है कि पुलिस प्रशासन दबाव में काम कर रहा है और जब्त की गई डीवीआर, पेनड्राइव और अन्य सामग्री को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही। वहीं, जिस वकील पर आरोप लगे हैं, उनके परिजनों ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि घर में महिलाएं और एक छोटा बच्चा मौजूद था, बावजूद इसके सादी वर्दी में बड़ी संख्या में लोग घर में घुसे। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच स्थानीय पुलिस से न कराकर एसओजी या सीआईडी-सीबी जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके और निर्दाेष को न्याय मिल सके। बाईट - ममता गुर्जर, परिजन
01 May 2026