
उदयपुर शहर के समीप कलड़वास क्षेत्र के वेसा मगरी मोहल्ले में अज्ञात बीमारी ने दहशत फैला दी है। यहां एक ही परिवार के पांच सदस्य अचानक बीमार पड़ गए। सभी में समान लक्षण सामने आए—त्वचा का काला पड़ना, पैरों में सूजन और तेजी से बिगड़ती शारीरिक स्थिति। गंभीर हालत में परिवार के मुखिया को इलाज के लिए गुजरात ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं उनके दो बेटों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज निजी अस्पताल में जारी है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास स्थित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले रासायनिक तत्व भूजल में मिल गए हैं। क्षेत्र में उपयोग किए जा रहे नलकूप के पानी के स्वाद और गंध में बदलाव महसूस किया गया है। इसी दूषित पानी के सेवन से बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन अब तक पानी की गुणवत्ता की जांच कराने में गंभीर नहीं दिखा। यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि कुछ दिन पहले ही इंदौर में दूषित पानी पीने से लगभग 20 लोगों की जान जा चुकी थी। उस घटना के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और अब कलड़वास में भी हालात उसी दिशा में जाते दिख रहे हैं। इसी बीच बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता लीला शंकर डांगी और उनके परिवार के इलाज को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया कि अधिवक्ता और उनके परिजन गीतांजलि हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं, लेकिन एफएसएल रिपोर्ट न आने का हवाला देकर इलाज में लापरवाही बरती जा रही है। बार एसोसिएशन ने मांग की है कि बीमारी की जांच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसे बड़े संस्थानों में कराई जाए, ताकि समय रहते बीमारी का कारण सामने आए और आगे किसी और की जान खतरे में न पड़े।
01 May 2026