
उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में नई लॉयन सफारी की शुरुआत से पहले वन विभाग के लिए पिछला हफ्ता चुनौतीपूर्ण रहा। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत गुजरात के जूनागढ़ से लाए गए 7 वर्षीय शेर सम्राट और 3 वर्षीय शेरनी सुनयना को नए वातावरण के अभ्यास के लिए खुले बाड़े में छोड़ा गया था। शेर सम्राट तो समय पर लौट रहा था, लेकिन सुनयना को जंगल की आबोहवा इतनी रास आ गई कि वह पिछले चार दिनों से शेल्टर होम नहीं लौटी। 20 हेक्टेयर के विशाल सफारी क्षेत्र में ऊंची घास और घनी झाड़ियों के कारण शेरनी बार-बार नजरों से ओझल हो रही थी। वन विभाग की सबसे बड़ी चिंता फेसिंग के बाहर इंसानी आवाजाही को लेकर थी। शेरनी की तलाश के लिए वनकर्मियों की टीम ने सफारी के सबसे ऊंचे पॉइंट क्लाउड-9 पहाड़ी पर बने कमरों की छतों को अपना वॉच टावर बनाया। दिन-रात दूरबीन से की गई निगरानी के दौरान जब शुक्रवार को शेरनी की लोकेशन ट्रेस हुई, तो विभाग ने तुरंत रणनीति बदली। एक विशेष वाहन के जरिए शेरनी की घेराबंदी की गई और उसे धीरे-धीरे शेल्टर होम की दिशा में धकेला गया। करीब एक घंटे के प्रयास के बाद शाम साढ़े छह बजे सुनयना ने सही रास्ता पकड़ा और सुरक्षित अपने एनक्लोजर में दाखिल हो गई। गौरतलब है कि इस लॉयन सफारी का शिलान्यास जून 2024 में हुआ था, जो शहर से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित है। अब जबकि शेरनी अपने खाने-पीने की नियत जगह से परिचित हो गई है, वन अधिकारियों को उम्मीद है कि वह जल्द ही इस नए ठिकाने में पूरी तरह ढल जाएगी। अगले माह प्रस्तावित लॉयन सफारी के भव्य उद्घाटन की तैयारियों में जुटे प्रशासन के लिए सुनयना की यह घर वापसी किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। अब जल्द ही पर्यटक यहाँ सम्राट और सुनयना की दहाड़ सुन सकेंगे।