
उदयपुर में कमर्शियल गैस की सप्लाई कम होने का असर अब होटल व्यवसाय पर पड़ने लगा है। होटल संचालकों का कहना है कि गैस की कमी के कारण रसोई में काम करना मुश्किल हो गया है और कई जगहों पर खाना बनाने के लिए पुराने तरीके अपनाने पड़ रहे हैं। होटल व्यवसायियों के अनुसार गैस की सप्लाई को लेकर लगातार डिमांड की जा रही है, लेकिन अभी तक गैस अनलोड नहीं हुई है। ऐसे में होटल संचालक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मिट्टी और आयरन से बना कच्चा चूल्हा तथा कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्यादा तापमान की जरूरत वाले व्यंजनों के लिए तंदूर भी चलाया जा रहा है, ताकि ग्राहकों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके। गैस की कमी का असर होटल के मेन्यू पर भी पड़ा है। कई होटलों में गैस बचाने के लिए मेन्यू को कम करना पड़ रहा है और केवल जरूरी व्यंजन ही तैयार किए जा रहे हैं। होटल संचालकों का कहना है कि फिलहाल उनके पास मुश्किल से एक या दो दिन की गैस ही बची है, इसलिए बहुत सावधानी से उसका उपयोग किया जा रहा है।हालांकि ग्राहकों की संख्या में बहुत ज्यादा कमी नहीं आई है, लेकिन मेन्यू में बदलाव के कारण कुछ ग्राहकों को समझौता करना पड़ रहा है। होटल संचालकों का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से भी बात की है और उम्मीद है कि एक-दो दिन के भीतर गैस की सप्लाई सामान्य हो जाएगी। फिलहाल होटल व्यवसायी वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे अपना काम चला रहे हैं।
01 May 2026