
भीलवाड़ा के सुभाषनगर इलाके में 12 अक्टूबर की रात हुई 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। वारदात की जो कहानी सामने आई है, वह बेहद खौफनाक है। मुख्य आरोपी रवि तापड़िया और उसके साथी हीरा सिंधी सट्टे व नशे के आदी थे। हीरा पर करीब 5 से 6 लाख रुपए का सट्टा कर्ज था। इसे चुकाने के लिए उसे तुरंत दो लाख रुपए की दरकार थी। आरोपियों ने चौपाटी पर शराब पीते हुए कमला देवी को लूटने और ठिकाने लगाने की खौफनाक साजिश रची। योजना के तहत रवि, बुजुर्ग महिला को अपनी स्कूटी पर बैठाकर सुभाषनगर स्थित मकान पर लाया। यहां उनसे एक लाख रुपए मांगे गए। जब कमला देवी ने इनकार किया, तो आरोपियों ने साड़ी और चुन्नी से उनके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उनके शरीर से गहने उतारे और तकिए से मुंह दबाकर उन्हें तड़पा-तड़पा कर मार डाला। वारदात के अगले दिन देर रात रवि ने अपने भतीजे कालू और आर्यन उर्फ चूचा के साथ मिलकर शव को छत पर जला दिया। सबूत पूरी तरह नष्ट करने के लिए अस्थियां व राख नाले और नदी में बहा दी गईं। खून व जलने के निशान छिपाने के लिए छत पर सीमेंट का घोल चढ़ा दिया गया। हैवानियत की हद तब पार हो गई, जब उसी छत पर करीब 40 दोस्तों को बुलाकर शराब और नॉनवेज की दावत उड़ाई गई। भीमगंज थाना के थाना प्रभारी सुनील चौधरी के अनुसार मुख्य आरोपी रवि तापड़िया, हीरा सिंधी और आर्यन पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि चौथे फरार आरोपी कालू को कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया है। लूटे गए गहने व नकदी बरामद हो चुकी है और नाले से मिली हड्डियों का डीएनए टेस्ट करवाया जा रहा है।
04 Nov 2026