
उदयपुर के चर्चित हिम्मत सिंह हत्याकांड की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कडी में सुखेर थाना पुलिस ने आठ और आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की। बुधवार को सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान आरोपी पुलिस जाप्ते के साथ कोर्ट परिसर में लंगड़ाते हुए पहुंचे। सुनवाई के बाद न्यायालय ने सभी आठ आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अब पुलिस रिमांड के दौरान हत्या की साजिश, वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों सहित कई सवालों पर पूछताछ करेगी। पुलिस के मुताबिक 26 जून को मावली निवासी 45 वर्षीय हिम्मत सिंह सोलंकी सुखेर थाना क्षेत्र के कैलाशपुरी में अपनी महिला मित्र का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की सफेद पिकअप वहां पहुंची और उनकी कार को टक्कर मार दी। आरोप है कि पिकअप से उतरे सात से आठ लोगों ने पहले लाठियों और पत्थरों से कार के शीशे तोड़े, फिर हिम्मत सिंह के साथ बेरहमी से मारपीट कर उनका अपहरण कर लिया। इसके बाद उन्हें करीब दस किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में ले जाकर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। हिम्मत सिंह के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने सुखेर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के सर्च अभियान के दौरान 27 जून को पेसिफिक अस्पताल के पीछे पहाड़ी पर उनका शव बरामद हुआ। घटना के विरोध में राजपूत करणी सेना और समाज के लोगों ने एमबी अस्पताल में प्रदर्शन भी किया था। बाद में जिला प्रशासन के साथ हुई वार्ता में मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का निर्णय लिया गया। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है। पहले से गिरफ्तार आरोपियों के साथ एक महिला को भी आरोपी बनाया गया है और पूछताछ के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।