
उदयपुर शहर में आयोजित होने वाली इस भव्य रथयात्रा के लिए रथ निर्माण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। रथ समिति के कार्यकर्ता कमल चौहान ने बताया कि रथ को बेहद कलात्मक और भव्य रूप दिया जा रहा है। इस विशेष रथ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लगभग 90 से 95 किलो चांदी का उपयोग किया गया है। यह पूरी चांदी भगवान के प्रति श्रद्धा रखने वाले भक्तों द्वारा भेंट स्वरूप दी गई है। रथ के निर्माण और मरम्मत का कार्य कुशल कारीगरों द्वारा किया जा रहा है, ताकि व्यवस्था में किसी भी तरह की कोई कमी न रहे। चांदी से सुसज्जित इस भव्य रथ में कई अनूठी कलाकृतियों को शामिल किया गया है। रथ को मजबूती और सुंदरता देने के लिए चार विशेष पिलर और आठ मेहराब बनाए गए हैं। इसके साथ ही रथ के आगे दो चांदी के घोड़े और एक सारथी की प्रतिमा भी लगाई गई है, जो रथ को खींचने की मुद्रा में नजर आएंगे। रथ के साइड कवर्स को भी चांदी की नक्काशी से खूबसूरती से ढका गया है। इस रथयात्रा का एक और मुख्य आकर्षण भगवान की रेवाड़ी होगी, जिसमें गणेश का स्वरूप विराजमान रहेगा। यह रेवाड़ी मुख्य रथ के आगे-आगे चलेगी, जिससे रथयात्रा की शुरुआत पारंपरिक और मंगलकारी तरीके से हो सके। रथ का मुख्य ढांचा तैयार होने के बाद अब घोड़ों और अन्य हिस्सों पर पेंटिंग और फिनिशिंग का कार्य शुरू किया जा रहा है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

30 Jun 2026