
निजी बस ऑपरेटर्स की हड़ताल ने उदयपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मंगलवार रात इसका असर सबसे ज्यादा उदयपुर रोडवेज बस स्टैंड पर देखने को मिला, जहां यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। निजी बसों का संचालन ठप होने के कारण यात्रियों का पूरा भार राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों पर आ गया।हालात यह रहे कि रोडवेज की बसें अपनी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों को लेकर रवाना हुईं। बसों में सीट तो दूर, खड़े होने तक की जगह नहीं बची। मजबूरी में यात्रियों को गैलरी में खड़े होकर सफर करना पड़ा। चाहे अहमदाबाद जाना हो, कोटा या जयपुर, हर रूट पर यही हाल नजर आया। मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे जोधपुर जाने वाली रोडवेज बस जैसे ही डिपो पर पहुंची, यात्रियों ने बिना किसी इंतजार के बस में चढ़ना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह भर गई। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई, जिन्होंने पहले से ऑनलाइन टिकट बुक कर रखे थे। कई ऑनलाइन टिकट धारक यात्रियों को बस के बाहर ही खड़ा रहना पड़ा, जबकि उनकी आरक्षित सीटों पर बिना टिकट और अनरिजर्व यात्रियों ने कब्जा कर लिया। यात्रियों के बीच सीटों को लेकर बहस और तनाव की स्थिति भी बनी रही। यात्रियों का कहना है कि हड़ताल की स्थिति में रोडवेज को अतिरिक्त बसें चलानी चाहिए थीं या टिकट व्यवस्था को सख्ती से लागू करना चाहिए था। फिलहाल निजी बसों की हड़ताल जारी रहने से आने वाले दिनों में भी रोडवेज बसों पर इसी तरह का दबाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है।
01 May 2026