
भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल से जुड़ा बडा मामला सामने आया है, जहां वैलेंट हॉस्पिटल में मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर कार्यरत रवि कुमार वर्मा ने फिनायल पीकर जान देने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है और हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। खुदखुशी के प्रयास से पहले डॉक्टर रवि कुमार वर्मा ने अपने एक एडवोकेट मित्र को वीडियो भेजा। इस वीडियो में उन्होंने उदयपुर निवासी निजी अस्पताल संचालक डॉ. हेमंत खज्जा और अस्पताल से जुड़े अन्य लोगों पर करीब 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर रवि कुमार वर्मा ने वीडियो में दावा किया कि पिछले आठ महीनों से उन्हें वेतन नहीं दिया गया। उनकी गाड़ी तक गिरवी रखवा दी गई और बैंक की ईएमआई लगातार बाउंस हो रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी जमा पूंजी खत्म हो चुकी है और हालात इतने खराब हो गए कि रहने और खाने तक के पैसे नहीं बचे। वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बीच सड़क पर रोककर जातिसूचक अपमान किया गया और धमकियां दी गईं। साथ ही अस्पताल परिसर में स्थित उनका कमरा खाली करवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। डॉक्टर ने पुलिस पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि वे पिछले चार दिनों से सुभाष नगर थाने के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत पर न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय सीए महेश काबरा से समझौता कराने का प्रयास कर रही थी। सुभाष नगर थाना प्रभारी कैलाश विश्नोई ने बताया कि समझौता कराने या दबाव बनाने जैसी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हो सकता है डॉक्टर को थाने बुलाया गया हो। पुलिस के अनुसार डॉ. हेमंत खिज्जा से जुड़े मामले में दोनों पक्षों के बीच पैसों के लेन-देन का विवाद था।
15 May 2026