
चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर और बाण माता मंदिर में चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे, जिससे दोनों ही मंदिर परिसरों में लंबी-लंबी कतारें लग गईं। दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर में दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। यहां मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की ओर से विधिवत हवन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और माता का आशीर्वाद लिया। वहीं बाण माता मंदिर को भी आकर्षक सजावट से सजाया गया। दुर्गा अष्टमी के अवसर पर माता की प्रतिमा को विशेष श्रृंगार किया गया, जिसने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। इन दोनों मंदिरों में राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ-साथ देश के कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। कालिका माता मंदिर की विशेषता यह है कि यहां सूरज की पहली किरण माता के चरणों को स्पर्श करती है, जो इसे और भी दिव्य बनाती है। दूसरी ओर, बाण माता को मारवाड़ क्षेत्र के लोगों की कुलदेवी माना जाता है, जिसके चलते नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में परिवार यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कालिका माता मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। यहां करीब 68 पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात रहे, ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे और श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें।