
उदयपुर के गोगुंदा थाना क्षेत्र में बिजली की खराब डीपी ले जा रहे ग्रामीणों की गाड़ी खाई गिरने के मामले में शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान एक और घायल की मौत हो गई। मृतक मोहब्बत सिंह(65) का इलाज एमबी हॉस्पिटल चल रहा था। शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। शुक्रवार शाम हुए इस हादसे में भोपाल सिंह (55) पुत्र पन सिंह और राम सिंह (45) पुत्र भेरू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक मोहब्बत और रामसिंह सगे चाचा-भतीजे थे। पुलिस ने मृतक के शव को एमबी हॉस्पिटल मॉर्च्यूरी में रखवाया। जबकि बाकी 2 शव गोगुंदा हॉस्पिटल मॉर्च्यूरी में रखे हैं।तीनों के शव मॉर्च्यूरी में रखे हैं। बिजली विभाग की लापरवाही बताते हुए आज करणी सेना ने उपखंड कार्यालय गोगुंदा के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। श्री राष्ट्रीय राजूपत करणी सेना जिलाध्यक्ष अर्जुनसिंह चुंडावत ने बताया कि मृतक के परिवार में से एक को संविदा पर नौकरी और 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। लापरवाही पर कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। जब तक मांग पूरी नहीं होगी। तब तक शवों का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जाएगा।हादसा गोगुंदा-सायरा मार्ग पर शुक्रवार शाम करीब चार बजे श्रीमालियों की मादड़ी के पास हुआ था। दरअसल, गुड़ा गांव के एक मोहल्ले में बिजली नहीं आ रही थी। इस पर फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) के कर्मचारी महावीर सिंह ने डीपी को खुलवा दिया। ग्रामीणों से कहा- इसे गोगुंदा लेकर जाओ और बदलवाकर ले आओ। ग्रामीण डीपी लेकर रवाना हुए और गोगुंदा जाते समय लोडिंग टेंपो खाई में गिर गया। हादसे में भोपाल सिंह (55) पुत्र पन सिंह और राम सिंह (45) पुत्र भेरू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बिजली विभाग ने फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) के ठेका कर्मचारी को हटा दिया। हादसे में घायल अभय सिंह और लक्ष्मण सिंह का इलाज जारी है।
01 May 2026