
उदयपुर में शुक्रवार को यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से स्कूली छात्रों ने एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। शहर के कोर्ट चौराहे पर जुटे इन नन्हे सुरक्षा दूतों ने राहगीरों और वाहन चालकों को हेलमेट लगाने और सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान की खास बात यह रही कि छात्रों ने किसी पर गुस्सा करने के बजाय गांधीगिरी का रास्ता चुना। जो लोग बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते पाए गए, उन्हें छात्रों ने फूल भेंट किए और हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की अपील की। हाथों में रोड सेफ्टी के स्लोगन लिखी तख्तियां लिए इन बच्चों ने लोगों को समझाया कि एक छोटी सी लापरवाही न केवल उनकी जान जोखिम में डाल सकती है, बल्कि उनके पूरे परिवार को संकट में डाल सकती है। इस दौरान छात्रों ने ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर लोगों को यह संदेश दिया कि हेलमेट बोझ नहीं, बल्कि जीवन रक्षक कवच है। स्कूल प्रबंधन और यातायात विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब बच्चे किसी बात के लिए टोकते हैं, तो उसका असर कहीं अधिक गहरा होता है। फिलहाल, बच्चों की इस मुहिम के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर लोगों के व्यवहार में बदलाव देखने की उम्मीद जताई जा रही है।
01 May 2026