
उदयपुर के डबोक क्षेत्र स्थित धुणी मात क्षेत्र में जेके लक्ष्मी सीमेंट फैक्ट्री से फैल रहे दूषित पानी की समस्या को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज प्रशासक, उपसरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर फैक्ट्री के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फैक्ट्री के कारण इलाके का भूजल और पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि पानी इतना दूषित हो चुका है कि वह पीने के साथ-साथ घरेलू उपयोग के लिए भी उपयुक्त नहीं रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन स्थानीय लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने में पूरी तरह विफल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण आमजन के जीवन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।मामले की सूचना मिलते ही डबोक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और धरने पर बैठे ग्रामीणों से बातचीत कर समझाइश का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और फैक्ट्री प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे।प्रशासक नरेश मेघवाल ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने पांच दिन के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण फैक्ट्री के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
23 Jul 2026