
बेकरिया थाना क्षेत्र का डांग का हेराल कला गांव गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच छावनी में तब्दील नजर आया। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में पुलिस प्रशासन और वन विभाग ने संयुक्त रूप से जिले के मोस्ट वांटेड और बेकरिया थाने के हिस्ट्रीशीटर सिंगाराम गरासिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक सिंगाराम गरासिया के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में लूट, चोरी, डकैती, मारपीट और हत्या के प्रयास सहित कुल 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से वांछित चल रहा है। कार्रवाई के दौरान वन भूमि पर किए गए उसके अवैध निर्माणाधीन पक्के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इसके साथ ही आरोपी के भाई मीठाराम के निर्माणाधीन पक्के मकान पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करना है। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में हड़कंप का माहौल रहा। पुलिस टीमों ने फरार आरोपियों की तलाश में गांव और आसपास के क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक मकानों की तलाशी भी ली। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही सिंगाराम गरासिया, उसका भाई, साला और अन्य सहयोगी जंगलों की ओर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने जंगलों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान कोटड़ा पुलिस उपाधीक्षक डूंगर सिंह चुंडावत, देवला तहसीलदार कुकवा राम, वन विभाग के अधिकारी, बेकरिया थानाधिकारी रामअवतार मीणा, सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत, पानरवा थानाधिकारी शब्बीर खान, मांडवा थानाधिकारी मुगलाराम, गोगुंदा और कोटड़ा थाना पुलिस का जाब्ता और पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तक अभियान लगातार जारी रहेगा।