
न्यूज 91 राजस्थान की टीम जब वार्ड 75 के आलू फैक्ट्री इलाके में पहुंची तो सबसे पहले नजर पड़ी हाल ही में बनी नई सड़क पर। करीब पखवाड़े भर पहले बनी इस सड़क ने इलाके के लोगों को राहत जरूर दी है। लोगों का कहना है कि सड़क लंबे समय से जर्जर थी। जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़क के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब सड़क बनने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा जरूर है कि चुनाव आते ही सड़क आखिरकार चकाचक कैसे हो गई? स्थानीय लोग इसे अपने अंदाज में कहते हैं— “चुनाव रो टेम आयो अन सड़क वण गी।” हालांकि सड़क बनने के बाद भी इलाके की कई समस्याएं जस की तस हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियों की सफाई और उन्हें खोलने की जरूरत है। बारिश का मौसम सामने है और ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नालियां साफ नहीं हुईं और पानी की निकासी का रास्ता नहीं मिला तो बारिश का पानी आखिर जाएगा कहां? इलाके में सीवरेज व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवरेज का काम भी पूरा होना चाहिए, क्योंकि सड़क बनने के बाद यदि सीवरेज के लिए दोबारा सड़क खोदी गई तो नई बनी सड़क खराब होने का खतरा रहेगा। लोग चाहते हैं कि सड़क और सीवरेज से जुड़े कामों की प्लानिंग एक साथ की जाए, ताकि बार-बार सड़क खोदने की नौबत न आए और सरकारी पैसे की भी बर्बादी न हो। वार्ड 75 के लोगों की एक और बड़ी मांग है डिस्पेंसरी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो तो छोटी-मोटी बीमारियों और सामान्य उपचार के लिए लोगों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए नजदीक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।

07 Sept 2026