
उदयपुर के सज्जनगढ़ लॉयन सफारी में साढ़े 5 साल की मादा एशियाटिक शेरनी सुनैना की रविवार दोपहर को मौत हो गई। वह पिछले करीब तीन महीने यानी 24 मई से बीमार चल रही थी और उसका उपचार किया जा रहा था। मौत के बाद मेडिकल बोर्ड की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेरनी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मौत के कारणों की जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट होगी। सज्जनगढ़ लॉयन सफारी में लायनेस ‘सुनैना’ की मौत के बाद अब सिर्फ ‘सम्राट’ लायन बचा है। इसी साल 16 फरवरी को लॉयन सफारी की शुरुआत हुई थी। तब इन दोनों लॉयन को यहां शिफ्ट किया था।बता दें कि सुनैना ने 21 जुलाई से 20 अगस्त तक पूरा भोजन लिया और इलाज से लगातार सुधार दिखने लगा था। लेकिन 21 अगस्त को उसकी तबीयत वापस बिगड़ गई और सुबह उसने आंशिक भोजन ही लिया, जिसके बाद मेडिकल टीम ने तुरंत सेंपल लेकर जांच के आधार पर इलाज शुरू किया। इसी बीच रविवार दोपहर अचानक स्थिति गंभीर होने से उसकी मौत हो गई।मादा एशियाटिक शेरनी सुनैना का 24 मई से लगातार पशु डॉक्टर्स की निगरानी में उपचार चल रहा था। हालांकि, 21 जुलाई से 20 अगस्त के बीच उसकी सेहत में काफी अच्छा सुधार देखा गया था। इस एक महीने के दौरान वह नियमित रूप से पूरा भोजन ले रही थी और दिए जा रहे उपचार पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दर्शा रही थी। 21 अगस्त की सुबह केयरटेकर्स ने देखा कि सुनैना ने रात में दिए गए भोजन में से केवल आंशिक भोजन ही लिया था। इसके बाद मेडिकल टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसके रक्त के नमूने लिए और प्राथमिक उपचार शुरू किया। 22 अगस्त और 23 अगस्त को भी रक्त जांच की रिपोर्ट के आधार पर उसे लगातार दवाइयां और जरूरी उपचार दिया गया। रविवार दोपहर अचानक सुनैना की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसकी स्थिति गंभीर होने से उसकी मौत हो गई।एशियाटिक शेरनी की मौत के तुरंत बाद पोस्टमॉर्टम के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। शाम 4:30 बजे गठित मेडिकल बोर्ड के सदस्य डॉ. शैलेन्द्र शुक्ला, डॉ. महेन्द्र मेहता और डॉ. हिमांशु व्यास द्वारा सुनैना के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया।पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार शाम 6:00 बजे जैविक उद्यान परिसर स्थित श्मशान स्थल पर सुनैना की अंत्येष्टि की गई। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मुकेश सैनी, क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रभुलाल मीणा, सहायक उप निरीक्षक योगेश कुमार, पटवारी गिरधर सिंह राजपूत सहित सज्जनगढ़ जैविक उद्यान का स्टाफ और स्थानीय ईडीसी सदस्य मौजूद रहे।
24 Aug 2026