
श्रावण माह के पहले सोमवार को लेकर उदयपुर स्थित महाकालेश्वर मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। भगवान शिव का जलाभिषेक करने और मंगला आरती के दर्शन के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार किया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस पावन अवसर पर भगवान महाकाल का आकर्षक और विशेष श्रृंगार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य आरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के समक्ष शीश झुकाकर अपने जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार के कल्याण की प्रार्थना की। आरती के बाद मंदिर परिसर से बाबा महाकाल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, और धार्मिक ध्वजाओं के साथ निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं, पुरुष और बच्चे भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए भक्ति में सराबोर नजर आए। पूरा वातावरण हर-हर महादेव और बम-बम भोले के उद्घोष से गूंजता रहा। श्रावण के पहले सोमवार पर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की और मनोकामनाएं मांगीं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए। दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन हो सके। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के माहौल में सावन के पहले सोमवार का यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।