
पूरे मामले की शुरुआत शुक्रवार दोपहर हुए विवाद से बताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक भीलवाड़ा के नांदसा निवासी यशप्रताप सिंह और चित्तौड़गढ़ के मीनाड़ा निवासी यशपाल सिंह झाला के बीच पहले से रंजिश चल रही थी। शुक्रवार दोपहर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। इसी विवाद के बाद शाम करीब 5 बजकर 43 मिनट पर कुछ लोग तीन एसयूवी में सवार होकर प्रतापनगर थाना क्षेत्र के एयरपोर्ट मार्ग स्थित कपिल विहार कॉलोनी पहुंचे। आरोप है कि यहां पहुंचने के बाद बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों पर पत्थर बरसाए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। शोर सुनकर दिव्यराज सिंह की मां 52 वर्षीय उर्मिला कंवर घर से बाहर आईं। इसी दौरान काली स्कॉर्पियो उनकी तरफ आती दिखाई देती है। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में स्कॉर्पियो महिला को टक्कर मारती नजर आ रही है। गंभीर रूप से घायल उर्मिला कंवर को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार और समाज में भारी आक्रोश है। शनिवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग मोर्चरी पर जमा हुए और शव लेने से मना कर दिया। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष जीवन सिंह सेनवाड़ा ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि परिवार की ओर से पहले ही चार बार पुलिस को शिकायतें दी गई थीं। शिकायतों में रंजिश, गाड़ियों से टक्कर मारने और लगातार विवाद की जानकारी पुलिस को दी गई थी। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद यह वारदात टाली जा सकती थी। वहीं यशप्रताप सिंह चुंडावत ने दावा किया कि पिछले कई महीनों से पुलिस को शिकायतें दी जा रही थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दो बार गाड़ी से टक्कर मारने, घर के शीशे तोड़ने और वाहन में तोड़फोड़ की घटनाओं का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि घटना से पहले भी कुछ युवक गाड़ियों में सवार होकर विवाद करने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने यशपाल सिंह झाला, विशाल शर्मा और यशवर्धन सिंह चुंडावत समेत अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। यशप्रताप सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खडे किये है। उनका कहना है कि पुलिस इस मामले में पहले दी गई शिकायतों पर कार्रवाही करती तो आज इस वारदात को टाला जा सकता था। पुलिस ने इस मामले में 9 जनों के खिलाफ नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में यशपाल सिंह झाला, यशवर्धन सिंह, विशाल शर्मा, नरेन्द्र सिंह, सोनु प्रजापत, निहाल चौधरी, गर्वित सिंह, लक्की शेखावत, रिषभ गोस्वामी और एक अज्ञात का नाम शामिल है। समाजजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। बाईट - जीवन सिंह सेनवाडा, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना बाईट - यशप्रताप सिंह वीओ 2- वही इस मामले डीएसपी छवि शर्मा ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। और पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गयी है और जल्द ही आरेापियों को गिरफ्तार किया जायेगा। उन्होने बताया की अब तक जांच में यह सामने आया है कि पैसों की लेन देन का कोई मामला है जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच रंजिश थी। बाईट - छवि शर्मा, डीएसपी