
मामला डूंगरपुर के विकासनगर पटवार हल्का और पंचायत समिति झांतरी के मोजा डूंगरपुर स्थित खसरा नंबर 962 से जुड़ा है। इस भूमि में परिवादी की भी हिस्सेदारी दर्ज है। भूमि के शुद्धिकरण के लिए परिवादी ने करीब एक साल पहले संबंधित पत्रावली तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट को सौंपी थी। आरोप है कि पत्रावली लंबित रहने के दौरान परिवादी ने अलग-अलग समय पर पटवारी को कुल 6 लाख 50 हजार रुपए दिए। इसके बावजूद भूमि शुद्धिकरण का काम आगे नहीं बढ़ा। परेशान होकर परिवादी ने 19 फरवरी को एसीबी चौकी डूंगरपुर में लिखित शिकायत दी। शिकायत के मुताबिक इससे एक दिन पहले 18 फरवरी को परिवादी दोबारा तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट से मिला था। इस दौरान उसे बताया गया कि संबंधित पत्रावली एसडीएम कार्यालय भेज दी गई है और वहां से काम करवाने के लिए डेढ़ लाख रुपए और देने होंगे। शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने प्राथमिक जांच शुरू की और रिश्वत मांग की पुष्टि के लिए सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी चौकी डूंगरपुर में तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। रिश्वत की रकम लेते हुए कार्रवाई के लिए एसीबी ने ट्रैप की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन इसी दौरान परिवादी के बड़े भाई का निधन हो गया। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते परिवादी करीब डेढ़ से दो माह तक व्यस्त रहा। इसी वजह से उस समय रिश्वत की रकम लेते हुए ट्रैप कार्रवाई नहीं हो सकी। अब एसीबी मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। 6 लाख 50 हजार रुपए पहले दिए जाने के आरोप और डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांग की पुष्टि के आधार पर प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है।

07 Aug 2026